Thursday, October 31, 2013

हस्तरेखा में उंगलियो का महत्त्व


अंगुलियों के पोर पर पाये जानेवाले




अंगुलियों के पोर पर पाये जानेवाले

रेखाचिह्न और उनका प्रभाव

क-ंउचय वज्राकृति-ंउचय गुस्से की आदत, निराशा की प्रवृत्ति
शारीरिक अवयव अस्त-ंउचयव्यस्त, यदा-ंउचयकदा प्रेरणा दायक
प्रवृत्ति, अपने सिद्धान्त पर जीने वाले, भावुक और
कलात्मक आदि लक्षण वज्राकृति के व्यक्ति में होते हैं।

ख-ंउचय कुण्डली आकार-ंउचयनाड़ी केन्द्र
में तकलीफ, हृदय सम्बन्धी परेशानी
का सामना, पाचन क्रिया खराब, बौद्धिक स्तर अच्छा
व्यक्ति और समाज में व्यवहारिक एवं स्नेही, प्रतिक्रिया
भावुक होती हैं।

ग-ंउचय मिश्रित-ंउचय बदला लेने की भावना, आलोचनात्मक
प्रतिशोध, कार्यकुशल एवं व्यवहारिक प्रवृत्ति, संग्रहात्मक,
मानसिक उल-हजयने, मोटापा, वायुविकार, वेचैनी आदि।

घ-ंउचय वर्तुलाकार-ंउचय अंगुलियों के पोर पर वर्तुलाकार
होने पर व्यक्ति स्वतंत्र मनोवृत्ति का होता है। अपनी
शंकल्प शक्ति द्वारा इच्छानुसार
लचीलेपन एवं गुप्त आत्म रक्षा में दक्ष होता है, ऐसे
लोगों की पाचनक्रिया में खराबी होती है तथा हृदय से
सम्बन्धी कुछ विमारियों का सामना करना पड़ता है।

च-ंउचय यव आकृति-ंउचय आत्म रक्षा में
हुसियारी गोपनीयता का गुण
मनोवेग दमन करने की भावना, अविश्वासी, दूसरों पर
संशय, पाचनक्रिया कमजोर पेट में फोड़ाफुंसी भ्रमण
की आदत कभी-ंउचय2 दोषपूर्ण उदासी आदि यव आकृति
के व्यक्ति में पाये जाते हैं।

अंगुलियों एवं नखों का वर्णन

रसाद रक्तं ततो मांस मांसान्मेदा जायते।
मेदसेऽस्थि ततो मज्जा ततः शुक्र सम्भवः।।

मानव की ऊर्जा हमेशा खर्च होती रहती है, ऐसी स्थिति में उसे आहार की
आवश्यकता होती है। आयुर्वेद के अनुसार व्यक्ति के भोजन से रस बनता
है रस से मांश, मांश से मेदा, मेदा से मज्जा, मज्जा से शुक्र बनता है। शुक्र
भोजन करने के 28 दिन के पश्चात् बनता है। प्रत्येक धातु का एक मैल
भी निकलता है, परन्तु शुक्र धातु का कोई मैल नहीं निकलता। वह बिल्कुल
शुद्ध होता है। नख हड्डी का मैल होता है। तर्जनी मध्यमा और अनामिका
का गर्भावस्था में नख 124 दिन बाद पूरा आ जाता है। कनिष्ठा 121 दिन
लेती है और अंगूठे का नख 140 दिन बाद पूरा निकलकर बाहर आता है।
नखों से विशेषतः शरीर की व्याधि और कुछ अन्य रोगों की जानकारी प्राप्त
होती है। नखों पर होने वाला चिह्न किसी आने वाले अग्रिम खतरे को सूचित
करता है।, साफ, और चैड़ा नख अच्छे स्वास्थ्य का सूचक होता है।

सात प्रकार के नखों वाली अंगुलियां
1. लम्बा नाखून-ंउचय लम्बे नाखून शारीरिक शक्ति के प्रतीक नहीं होते,
इनकी अपेक्षा छोटे और चैड़े नाखून वालों की शारीरिक शक्ति अधिक
होती है। ऐसे लोग ज्यादा बहसबाजी नहीं करते और न आलोचना करते
हैं। कविता, कला, संगीत, चित्रकारिता आदि के प्रेमी होते हैं तथा सिरदर्द,
गले में खराबी आदि की बीमारी होने की स्थिति उत्पन्न होती है।

2. छोटा नाखून-ंउचय छोटे नख वाले व्यक्ति तार्किक होते हैं तथा अन्य लोगों
से भिन्न मतवाले होकर कठोर आलोचक होते हंै। इनमें सोचने की शक्ति
अधिक होती है। परन्तु निर्णय में उतावले होते हैं। दिल के कुछ कठोर होते
है तथा उनमें सहन शक्ति कम होती है, कभी-ंउचयकभी तथ्य को न सम-हजय पाने
की स्थिति में उसे मजाक बनाकर बच निकलते हैं, ऐसे लोगों में दिल के
दौरे की बीमारी होने की सम्भावनायें पायी जाती हैं तथा चिड़चिड़ापन
होता है।

3. चैकोर और छोटा नख-ंउचय यह सामान्य कमजेारी का सूचक होता है
ऐसे लोगों में हृदय से सम्बन्धी अनेक रोग पाये जाते हैं। नख पर किसी
प्रकार का गड्-सजया आदि होने पर डेगूं बुखार एवं आन्तरिक पीड़ा का संकेत
पाया जाता है तथा बदला लेने की भावना इनमें खूब होती है।

4. त्रिभुजकार नख-ंउचय ऐसे नख वालों को गला, लकवा, और श्वास प्रवास
से सम्बन्धी बीमारी होती है तथा ऐसे नाखून में चन्द्राकृति न होने पर व्यक्ति
सनकी स्वभाव का होता है।

5. चैड़ा नख-ंउचय चैड़ा नख अच्छे स्वास्थ्य का संकेत है, ऐसे व्यक्ति
खाने-ंउचयपीने के शौकीन तथा स्वास्थ्य के धनी होते हैं।

6. उभरा हुआ नख-ंउचय ऐसे नख के स्वामी का फेफड़ा कमजोर होता है,
तथा कण्ठमाला बीमारी का सामना करना पड़ता है।

7. गरारियाँ सहित नख-ंउचय ऐसे नख वाले व्यक्ति को कमला की बीमारी
होती है, तथा कभी-ंउचयकभी श्वास एवं दमा की शिकायत होती है।

नाखूनों की देखभाल कैसे भी कर लें, परन्तु उनके प्रभाव को नहीं बदला
जा सकता। भले ही कार्य करते-ंउचय2 नाखून टूट जाय। मुख्यतः ये चार प्रकार
के ही पाये जाते हैं। लम्बे छोटे, चैड़े, सकीर्ण, आदि।

अंगुलियों पर निशान और उनके प्रभाव

अंगूठे पर अगर सफेद धब्बा होगा, तो बातचीत में अधिक लगाव अगर
यही काला होगा, तो प्रेम में अंधापन और अपराधी प्रवृति की होती है।
तर्जनी पर अगर सफेद धब्बा होगा, तो अच्छी आमदनी तथा काले धब्बे
से धनहानि होती है।

मध्यमा पर सफेद धब्बे होने से यात्रायें होती है तथा काले धब्बे होने से
भय और क्षति। अनामिका पर सफेद धब्बा होने से प्रतिष्ठा प्राप्त होती
है तथा काला से बदनामी और नुकसान होता है।

कनिष्ठा पर काला धब्बा होने से व्यापारिक सफलता और काले धब्बे से
अविश्वास और असफलता काले नखों वाला व्यक्ति अच्छा कृषक
(किसान) होता है।

चैड़ा नखवाला-ंउचयसाधु और निष्कपटी होता है। नीले रंग के नख वाला
व्यक्ति स्वास्थ्य से परेशान रहता है, तथा दूसरों के लिए सरदर्द बनता
है। बेतुके, अटपटे और भद्दे नखों वाला व्यक्ति समाज के लिए अयोग्य
माना जाता है तथा लोगों को हानि पहुंचाता है और दुष्कर्मों में लीन
रहना उसका स्वभाव होता है।

नखों के नीचे अंगुलियों के पारों में एक ऐसा तरल पदार्थ होता है, जो
अत्यन्त संवेदनशील होता है, उदाहरण के तौर पर अंधा व्यक्ति इसी
हिस्से के स्पर्श से अपनी पहचान का आधार साबित करता है तथा
डाक्टर जब किसी रोगी का नब्ज पकड़ता है तो इस हिस्से में स्पन्दन
होता है यह क्रिया अंगुलियों के पोर में स्थित तरल पदार्थ द्वारा होती
है अंगे्रेजी में इसे (कोर्नीफिकेशन) कहते है। जिसे हिन्दी भाषा में
श्रृगोत्पादन या शल्कीभवन कहते हैं।

हस्तरेखा परीक्षण के समय स्वास्थ्य रेखा में जो रोग या व्याधि नजर
आती है, उसे नखों से ही प्रमाणित की जाती है।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

Hastrekha Vigyan Aur Nakh

Sunday, October 27, 2013

हस्तरेखा और शंख चिन्ह


शंख


hastrekha shankh


यह चिह्न किसी महान् व्यक्ति के हाथ में ही होता है। तमाम चिह्नों में यह दुर्लभ होता है। तर्जनी में शंख होने पर मित्रों से धनहानि होती है। मध्यमा में हो तो उसे पुजारी नहीं बनना चाहिये। अनामिका में शंख होने पर धन का अचानक नाश व कनिष्ठा में भी यही फल होवे।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

Hastrekha Vigyan Aur Shankh

हस्तरेखा और चक्र चिन्ह


चक्र


चक्र का अर्थ वृत्त से है, जो अंगुलियों की त्वचा एवं रेखाओं पर पाया जाता

है। यह वर्तुलाकार एक होने से चालाक, दो होने से सुन्दर, तीन से ऐशो

आरामी, चार से गरीब, पांच वाला विद्वान, छः वाला विद्वान में चतुर,

सातवाला योगी, आठवाला गरीब, नौं चक्र वाला राजा या धनी और

दसवाला एक सरकारी अधिकारी होता है। साथ ही ईश्वर प्रेमी और थोड़ी

आयु वाला होता है। तर्जनी में चक्र होने पर व्यक्ति को मित्रों से लाभ

होगा। मध्यमा में होने से इष्ट पूजा से धन लाभ होगा। अनामिका में हो

तो समाज की सहायता से पैसा आएगा और कनिष्ठा में चक्र हो जाने पर

तैयार माल द्वारा धनार्जन होगा। उपर्युक्त अंगुलियों में यदि शंख हो तो

तत्संबन्धी नुकसान होगा।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

हस्तरेखा और मत्स्य चिन्ह


मत्स्य (मछली)



यह मणिबन्ध के उपर भाग्य रेखा या आयु रेखा किसी एक में भी हो सकती

है या दोनों में इसे शुभ चिह्न माना जाता है। बृहस्पति भी ऐसे व्यक्ति को

हाथ में जिनके मत्स्य रेखा होती है, वह अच्छा होता है। वह मीन का

बृहस्पति ज्योतिष के अनुसार अपने राशि का स्वामी होगा। मत्स्य रेखा

वाला व्यक्ति धार्मिक, उदार, दानी और समाज में प्रतिष्ठित होगा। मत्स्य

रेखा का उपरी भाग जितना अधिक नुकीला होगा उतना ही अधिक समय

तक सुख प्राप्त होगा। स्त्रियों के हाथ में इस रेखा के होने से अच्छे पतिप्राप्त

करने वाली, उनका सम्मान करने वाली, दीर्धजीवन, सौभाग्यशालिनी

और पुत्र-ंउचयपौत्र वाली भी होंगे। मत्स्य पुच्छ चिह्न वाला व्यक्ति धनवान और

विद्वान होता है।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

हस्तरेखा और जाल चिन्ह


जाल



हाथ में केवल अशुभ लक्षण देखकर किसी निर्णय पर पहुँच जाना अनुचित है। मानव हाथ में गौण एवं मुख्य रेखाओं के साथ-ंउचयसाथ अनेक प्रकार के चिह्न भी पाये जाते हैं जिनमें मुख्यतः विन्दु, क्रास, वर्ग, जाल, तारे (स्टार) त्रिभुज, वृत्त, द्वीप, मत्स्य, पेड़, धनुष, कमल, सर्प आदि हैं।

आड़ी रेखा पर खड़ी रेखाओं के होने से जाल सा बन जाता है, यह मानव
हाथों पर अधिकाशं पाया जाता है।
हस्त रेखा विज्ञान में जाल का भी अपना महत्वपूर्ण स्थान है। अतः इसका
अध्ययन भी अति आवश्यक है।रवि क्षेत्र-ंउचयसूर्य क्षेत्र पर जाल होने से व्यक्ति समाज में निन्दा तथा उपहास
का पात्र बन जाता है।

चन्द्र क्षेत्र-ंउचय चन्द्र क्षेत्र पर जाल होने से व्यक्ति निरन्तर चंचल स्वभाव युक्त,
अधीर एवं असन्तुष्ट रहता है।

मंगल क्षेत्र-ंउचयमंगल क्षेत्र पर जाल होने से मानसिक अशान्ति एवं उद्विग्नता
रहती है।

बुध क्षेत्र-ंउचयबुध क्षेत्र पर जाल होने से व्यक्ति को स्वतः के कार्यो में हानि का
सामना एवं पश्चाताप होता है।

गुरु क्षेत्र-ंउचयगुरु क्षेत्र पर जाल होने से व्यक्ति घमण्डी, स्वार्थी और निर्लज्ज
हो जाता है।

शुक्र क्षेत्र-ंउचयशुक्र क्षेत्र पर जाल होने से भोगी, लम्पट, अधीर तथा कामातुर
होता है।

शनि क्षेत्र-ंउचयशनि क्षेत्र पर जाल होने से व्यक्ति आलसी, कंजूस अर्कमण्य एवं
अस्थिर चित्त वाला होता है।

राहु-ंउचयराहु केतु क्षेत्र पर होने से व्यक्ति द्वारा जीवन हत्या जैसे अपराध होते
हैं एवं दुर्भाग्य का सामना होता है।

केतु क्षेत्र-ंउचयकेतु क्षेत्र पर जाल होने से चेचक या चर्म रोग जैसे रोगों का
सामना होता है।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

हस्तरेखा और वृत्त चिन्ह


वृत्त

हाथ में केवल अशुभ लक्षण देखकर किसी निर्णय पर पहुँच जाना अनुचित है। मानव हाथ में गौण एवं मुख्य रेखाओं के 
साथ-ंउचयसाथ अनेक प्रकार के चिह्न भी पाये जाते हैं जिनमें मुख्यतः विन्दु, क्रास, वर्ग, जाल, तारे (स्टार) त्रिभुज, वृत्त, द्वीप, मत्स्य, 
पेड़, धनुष, कमल, सर्प आदि हैं।

छोटे-ंउचयछोटे गोल घेरों को वृत्त कहते हैं, इन्हें सूर्य, 
कन्दुक एवं घेरा भी कहाजाता है।

चन्द्र क्षेत्र पर वृत्त का चिह्न होने से व्यक्ति को जल से नुकसान होता है तथा जल तत्व से सम्बन्धित बीमारी का सामना करना पड़ता है।

मंगल क्षेत्र पर वृत्त होने से व्यक्ति को कायर तथा रणभीरु बना देता है।

बुध क्षेत्र पर होने से व्यापार में सफलता एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

गुरु क्षेत्र पर होने से उच्चपद की प्राप्ति तथा लोगों पर प्रभाव एवं विवाह
में दहेज की प्राप्ति होती है।

शनि क्षेत्र पर वृत का चिह्न होने से अचानक धनलाभ तथा भाग्योन्नति होती
है।

शुक्र क्षेत्र पर वृत्त का निशान होने से व्यक्ति को कामातुर एवं इन्द्रिय लोलुप
तथा भोगी बना देता है। ऐसे लोगों में नपुंसकता भी पायी जाती हैं।

राहु क्षेत्र पर होने से व्यक्ति को निष्क्रिय एवं पुरुषार्थ हीन बना देता है।

हृदय रेखा पर वृत्त का चिह्न होने से व्यक्ति को हृदय हीन एवं पत्थरदिल
बना देता है।

जीवन रेखा पर होने से आंखों में बिमारी या कमजोरी होती है।

भाग्य रेखा पर होने से व्यक्ति में कमजोरी एवं भ्रम उत्पन्न करता है।

मस्तिष्क रेखा पर होने से व्यक्ति को स्नायु रोग उत्पन्न करता है।

विवाह रेखा पर वृत्त का चिह्न होने से व्यक्ति कुंवारा रहता है, या फिर
विवाहोपरान्त शीघ्र ही विधुर होकर जीवन व्यतीत करता है।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

हस्तरेखा में पर्वतो का महत्त्व


पर्वत विचार


प्रायः हथेली पर अंगुलियों के मूल मे,ं कलाई के ऊपर, अंगूठे के नीचे, कुछ
उभरी हुई मांसपेशियां दिखायी देती हैं, हस्तरेखा विज्ञान में इन्हें पर्वत कहा
जाता है। संरचना के अनुसार ये फुसफुसे मांस पिण्ड होते हैं जिनमें रक्त
और नाडि़यों की कोशिकाओं का सूक्ष्म, सघन समूह विखरा होता है।
प्रत्येक पर्वत मस्तिष्क के अलग-ंउचय2 भागों से नाडि़यों द्वारा सम्बन्धित रहता
है, इस प्रकार वह अलग-ंउचय2 मानसिक शक्तियों को प्रकट करता है।

सूर्य पर्वत-ंउचय अनामिका के नीचे

चन्द्र पर्वत-ंउचय कनिष्ठा के नीचे कलाई के ऊपर हथेली के भाग में

मंगल पर्वत-ंउचय इसके दो स्थान है, प्रथम, शुक्र और गुरु के बीच, और दूसरा

चन्द्र और बुध के बीच

बुध पर्वत-ंउचय कनिष्ठा के नीचे गुरु पर्वत-ंउचय तर्जनी के नीचे

शुक्र पर्वत-ंउचय अंगूठे के नीचे

शनि पर्वत-ंउचय मध्यमा के नीचे

हथेली के बीच का भाग जो कि चारों ओर पर्वतों से घिरा होता है, इन
पर्वतों के नाम विभिन्न ग्रहों के नाम पर सुविधा के दृष्टिकोण से रखे गये
हैं, ये पर्वत सात हैं। हथेली में इनके विकसित अथवा अविकसित या किसी
एक पूर्ण विकास के आधार पर भी कुछ विद्वान इन्हें सात वर्गों में
विभाविजत करते हैं।

बुध पर्वत-ंउचय कनिष्ठा के निम्न भाग में यह क्षेत्र स्थित होता है जिससे
रोमांस, बौद्धिक क्षमता, प्रेम, परिवर्तन, यात्रा, आदि से सम्बन्धी विचार किये
जाते हैं। हाथ अगर अनुकूल हो तो ये गुण शुभ फल देते हैं, अगर प्रतिकूल
हो तो अशुभ फल को जानना चाहिए।

चन्द्र पर्वत-ंउचय मंगल पर्वत के नीचे और शुक्र पर्वत के विपरीत दिशा में चंद्र
पर्वत होता है। यह कल्पना, आदर्श, कला साहित्य के प्रति लगाव आदि
को प्रदर्शित करता है।

मंगल पर्वत-ंउचय यह युद्ध में सौर्य की भावना, सक्रियता, साहस, भावना
आदि प्रदान करता है। यदि यह क्षेत्र ज्यादा उन्नत युक्त होगा तो व्यक्ति
में लड़ाई, -हजयगड़े की भावना उत्पन्न करता है यह शुक्र पर्वत के बगल में
होता है।

दूसरा चन्द्र और बुध के मध्य पाया जाता है जो कि निश्चित साहस,
आत्मनियन्त्रण, निराशा और गलती के विराधे की क्षमता का सूचक है।

सूर्य पर्वत-ंउचय यह क्षेत्र अनामिका के आधार में स्थित होता है, यदि यह क्षेत्र
विकसित होगा तो व्यक्ति को कला के प्रति सफलता प्रदान करता है।
साहित्य, कविता, संगीत तथा आदर्श एवं उच्च विचारों के प्रति रुचि एवं
सफलता प्राप्त होती है।

गुरु पर्वत-ंउचय तर्जनी के मूल में जो उभार दिखायी देता है वह गुरुपर्वत है।
गुरु पर्वत उन्नत होने पर व्यक्ति में महत्वाकांक्षा और गर्व की भावना अधिक
होती है। उत्साह एवं शान्ती की कामना का यह सूचक है, यदि व्यक्ति के
हाथ में अविकसित होगा तो धार्मिक भावना में कमी बड़ों के प्रति अश्रद्धा
तथा अधिक विकसित होने पर व्यक्ति में अहंकार उत्पन्न होता है।

शुक्र पर्वत-ंउचय यह क्षेत्र अंगूठे के मूल स्थान के नीचे स्थित होता है। यह
असामान्य ठंग से विकसित होने पर व्यक्ति की इच्छा, कला, भावनात्मक
सम्बन्ध, सौन्दर्य पुजारी के रुप में जाना जाता है। यह पर्वत हाथ में सबसे
महत्त्वपूर्ण रक्त कोश बनाता है जो हथेली का बड़ा विकास है।
यदि शुक्र पर्वत सुविकसित होगा तो स्वास्थ्य उत्तम रहता है यही क्षेत्र
छोटा अथवा सामान्य से कम होने पर या अविकसित होने पर स्वास्थ्य ठीक
नहीं रहता है तथा काम शक्ति की भी कमी होती है। यदि यह क्षेत्र अधिक
विकसित या उभरा होगा तो वह स्त्री/पुरुष-ंउचयविपरीत लिंग के प्रति
कामोन्माद प्रकट करता है तथा सौंदर्य के प्रति रुचि होती है ऐसे जातक
के चरित्र को भी संदेह की नजर से देखा जाता है।

शनि पर्वत-ंउचय यह पर्वत मध्यमा के मूल में होता है, यह अधिक विकसित
होने से कार्य के प्रति रुचि एवं क्षमता उत्पन्न करता है, दोषयुक्त शनि पर्वत
इसके विपरीत परिणाम देता है। यह शान्ति कार्य के प्रति लगाव, एकान्तवास
तथा धन आदि के बारे में जानकारी देता है।

सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

हस्तरेखा विशेषज्ञ का हाथ


हस्तरेखा विशेषज्ञ का हाथ


हाथ देखने वाले विशेषज्ञ के स्वयं के हाथ में चन्द्र रेखा (लाइफ आॅफ इन्ट्यूशन) हो तो वह अपनी अन्र्तदृष्टि से जो कहेगा वह सही होगा। हाथ की रेखाओं में समय घटना व दिन का पता लगा पाना बड़ा कठिन होता है। जब हाथ के अनेक भाग मिश्रित होते हैं तो ऐसी स्थिति में पर्वत, रेखा, नाखून, मणिबन्ध, तथा हाथ का रंग एवं देश काल परिस्थिति को आधार मानकर भविष्य बताया जाता है। महिलाओं के हस्त परीक्षण में बायां हाथ देखने के बाद काल व घटना निर्धारण हेतु दाहिने हाथ को भी आधार माना जायेगा।



सौजन्य  - सरल हस्तरेखा पुस्तक 

Friday, October 25, 2013

Devanand Palm Image Palmistry



Irish Prime Minister Enda Kenny Palm Image Palmistry



Jerry-O-Connell Palm Image Palmistry



Shane Warne Palm Image Palmistry



WWE superstar death & Suicide BigBoss Man Palm Image Palmistry


Ray Washington Traylor Jr. was an American professional wrestler who was best known for his appearances with the World Wrestling Federation under the ring name Big Boss Man, as well as for his appearances 
Born: May 2, 1963, Marietta, Georgia, United States
Died: September 22, 2004, Dallas, Georgia, United States
Height: 1.98 m
Trained by: Ted Allen
Spouse: Angela Traylor (m. 1989–2004)
Movies and TV shows: Saturday Night's Main Event,WWE: Summerslam 1999


PALM READING SERVICE



Send Me Your Palm Images For Detailed & Personalized Palm Reading


Question: I want to get palm reading done by you so let me know how to contact you?
Answer: Contact me at Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in.


Question: I want to know what includes in Palm reading report?

Answer: You will get detailed palm reading report covering all aspects of life. Past, current and future predictions. Your palm lines and signs, nature, health, career, period, financial, marriage, children, travel, education, suitable gemstone, remedies and answer of your specific questions. It is up to 4-5 pages.



Question: When I will receive my palm reading report?

Answer: You will get your full detailed palm reading report in 9-10 days to your email ID after receiving the fees for palm reading report.



Question: How you will send me my palm reading report?

Answer: You will receive your palm reading report by e-mail in your e-mail inbox.



Question: Can you also suggest remedies?

Answer: Yes, remedies and solution of problems are also included in this reading.


Question: Can you also suggest gemstone?

Answer: Yes, gemstone recommendation is also included in this reading.


Question: How to capture palm images?

Answer: Capture your palm images by your mobile camera or you can also use scanner.


Question: Give me sample of palm images so I get an idea how to capture palm images?

Answer: You need to capture full images of both palms (Right and left hand), close-up of both palms, and side views of both palms. See images below.



Question: What other information I need to send with palm images?

Answer: You need to mention the below things with your palm images:- 



  • Your Gender: Male/Female 
  • Your Age: 
  • Your Location: 
  • Your Questions: 

Question: How much the detailed palm reading costs?

Answer: Cost of palm reading:


  • India: Rs. 600/- 
  • Outside Of India: 20 USD

( For instant palm reading in 24 hours you need to pay extra Rs. 500 or 15 USD ) 
(India: 600 + 500 = Rs. 1100/-)
(Outside Of India: 20 + 15 = 35 USD) 

Question: How you will confirm that I have made payment?

Answer: You need to provide me some proof of the payment made like:

  • UTR/Reference number of transaction. 
  • Screenshot of payment. 
  • Receipt/slip photo of payment.

Question: I am living outside of India so what are the options for me to pay you?

Answer: Payment options for International Clients:

International clients (those who are living outside of India) need to pay me 20 USD via PayPal or Western Union Money Transfer.

  • PayPal (PayPal ID : nitinkumar_palmist@yahoo.in)
    ( Please select "goods or services" instead of "personal" )
  • PayPal direct link for $20 (You will get reading in 9/10 days) - PayPal Payment 20 dollars
    PayPal direct link for $35 (You will get reading in 24 hours) - PayPal Payment 35 dollars
  • Western Union: Contact me for details.

Question: I am living in India so what are the options for me to pay you?


Answer: Payment options for Indian Clients:

  • Indian client needs to pay me 600/- Rupees in my SBI Bank via netbanking or direct cash deposit.

  • SBI Bank: (State Bank of India)
       Nitin Kumar Singhal
       A/c No.: 61246625123
       IFSC CODE: SBIN0031199
       Branch: Industrial Estate
       City: Jodhpur, Rajasthan. 



  • ICICI BANK: 
      (Contact For Details)

Email ID: nitinkumar_palmist@yahoo.in




Client's Feedback - DECEMBER 2017



If you don’t have your real date of birth then palmistry is there to help you for future life predictions.  Our palm lines, signs, mounts and shapes which are very useful in predicting the person’s life. We can predict your future from the lines and signs of your both palms. We can predict your future by studying your palm lines and signs. There is no need to send us your date of birth , time of birth , place of birth etc . Palm told the personality ,future ups and downs thus a experienced palmist can guide you to deal with upcoming challenges with vedic remedies.