तर्जनी उंगली | Index Finger In Hindi Palmistry

Tarjani Ungli | Index Finger In Hindi Palmistry

तर्जनी उंगली – हस्तरेखा शास्त्र

तर्जनी हाथ की दूसरी उंगली होती है, जिसे अंग्रेज़ी में Index Finger कहा जाता है। हस्तरेखा शास्त्र में तर्जनी का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि यह गुरु (बृहस्पति) ग्रह से संबंधित होती है।

तर्जनी उंगली (Tarjani Ungli) से व्यक्ति के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सम्मान, महत्वाकांक्षा और धार्मिक प्रवृत्ति के बारे में जानकारी मिलती है। जिस व्यक्ति की तर्जनी उंगली मजबूत, सीधी और संतुलित होती है, वह आमतौर पर आत्मसम्मानी, नेतृत्व करने वाला और समाज में सम्मान पाने वाला होता है।

यदि तर्जनी अनामिका से बड़ी हो तो जातक अहंभाव से पूर्ण होता है। जिम्मेदार पद पर आसीन होने पर अपने से ऊँचे पद पर आसीन व्यक्तियों से तो खुशामद और चापलूसी से काम ले लेते हैं, पर अपने अधीन कार्यरत व्यक्तियों के प्रति प्रायः कड़ाई का ही रुख अपनाते हैं। इस स्वभाव के कारण प्रायः ये निंदा के पात्र बनते हैं।

यदि तर्जनी उंगली बहुत छोटी या झुकी हुई हो तो व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी, निर्णय लेने में कमजोरी या दूसरों पर अधिक निर्भरता देखी जा सकती है। वहीं यदि यह उंगली लंबी और प्रभावशाली हो तो व्यक्ति में नेतृत्व, अधिकार और ऊँचे पद प्राप्त करने की इच्छा अधिक होती है।

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हाथ के 5 शुभ चिन्ह

यदि तर्जनी अनामिका से छोटी हो तो जातक बुद्धिमान और चालाक होता है। किसी भी तरह से अपना काम निकाल लेने की कला इनमें खूब होती है। चाहे जहाँ जैसा व्यवहार करना पड़े, ये करते हैं और सफलता प्राप्त करके ही रहते हैं। ऐसे लोगों को स्वार्थी भी कहा जा सकता है।

यदि तर्जनी अनामिका की तुलना में बहुत छोटी हो तो जातक में तत्काल निर्णय लेने की क्षमता पूर्ण रूप से होती है।

यदि तर्जनी मध्यमा से बहुत अधिक लंबी हो तो जातक अति अहंकारी, कामवासना से पूर्ण और दुराचारी स्वभाव का हो सकता है।

तुलनात्मक दृष्टि से लंबी तर्जनी का ऊपरी सिरा नुकीला हो तो जातक अंधविश्वासी होता है और धर्म के प्रति उसकी गहरी आस्था होती है।

लंबी तर्जनी का यदि ऊपरी सिरा नुकीला न होकर वर्गाकार हो तो जातक चरित्रवान और सद्व्यवहारी होता है।

तर्जनी अंगुली की लंबाई सामान्य हो (अनामिका के लगभग बराबर) पर सिरा चपटा-सा हो तो जातक के विचार स्थिर नहीं होते, बल्कि लिए गए निर्णयों में भी आमूल परिवर्तन होने की संभावना रहती है।

यदि तर्जनी और मध्यमा दोनों समान लंबाई की हों तो जातक निश्चित रूप से विश्व-सम्माननीय होता है। कहा जाता है कि अब्राहम लिंकन और नेपोलियन बोनापार्ट की ये दोनों अंगुलियाँ समान लंबाई की थीं।

हस्तरेखा शास्त्र में तर्जनी के नीचे का भाग गुरु पर्वत कहलाता है, जो व्यक्ति की प्रतिष्ठा, आध्यात्मिकता, ज्ञान और सामाजिक स्थिति को दर्शाता है। इसलिए तर्जनी उंगली और गुरु पर्वत का अध्ययन किसी भी व्यक्ति के स्वभाव और जीवन की दिशा को समझने में महत्वपूर्ण माना जाता है।

— नितिन कुमार पामिस्ट