हथेली में अंग (शरीर के भाग) की स्थिति और रोग - हस्तरेखा ज्ञान

Hatheli Mein Ang (Body Parts) Ki Isthiti (Position) Aur Rog

हथेली में अंग (शरीर के भाग) की स्थिति और रोग - हस्तरेखा ज्ञान


इस हस्ताकृति में शरीर के अङ्गों की स्थिति दर्शायी गयी है। रेखा या पर्वत में दृष्टिगोचर होने पर उस अङ्ग से सम्बन्धित तकलीफ मानी जानी चाहिए।

1.  सिर दर्द हो तो एम्युप्रेसर के अनुसार 1-1-1 बिन्दु पर 3-3 मिनट दबाव डालने पर लाभ प्राप्त होता है।

2.  साइटिका दर्द होने पर चन्द्र पर्वत को सहलाना चाहिए।

3. जिगर में तकलीफ हो तो बुध पर्वत पर (3) बिन्दु पर दबाव डालना चाहिए।

4 अगर रक्त संचार में गड़बड़ी है तो हृदय रेखा और मस्तक रेखा के अन्त में हल्का दबाना चाहिए।

5.  गुर्दो की तकलीफ होने पर मध्यमा के नीचे शनि पर्वत पर प्रेशर डालें।

6. प्रोस्टेट ग्लॉण्ड्स में समस्या होने पर कनिष्ठा के नीचे (सं0-8) तथा मणिबन्ध संख्या (7) पर हल्का-हल्का दबाव डालना चाहिए।

इनके अतिरिक्त जो अङ्ग स्थल चिह्नित किये गये हैं वहाँ कोई नया दूषित चिह्न उत्पन्न होता है तो यह उस स्थल से सम्बन्धित अङ्ग से सम्बन्धित बीमारी होने की सूचना देता है।