हस्तरेखा शास्त्र में राहु पर्वत और राहु रेखा का विशेष महत्व है, जो व्यक्ति के जीवन में अचानक होने वाले बदलाव, संघर्ष, धन लाभ और संकटों का संकेत देते हैं।
राहु पर्वत का स्थान (Mount of Rahu)
• स्थान: हथेली के ठीक बीचोंबीच, मस्तिष्क रेखा के नीचे और मंगल, शुक्र तथा चंद्रमा के क्षेत्र से घिरा हुआ भाग राहु पर्वत कहलाता है। यह स्थान आमतौर पर हल्का-सा दबा हुआ या समतल होता है।
• महत्व: यह क्षेत्र अचानक धन प्राप्ति (लॉटरी, शेयर बाजार), आकस्मिक संकट, विदेशी यात्रा और जीवन के बड़े परिवर्तनों को नियंत्रित करता है।
राहु पर्वत पर शुभ और अशुभ संकेत
• त्रिभुज का निशान: यदि राहु पर्वत पर त्रिकोण (Triangle) का स्पष्ट चिह्न हो, तो व्यक्ति को अचानक भारी धन लाभ होता है और वह कम उम्र में बड़ी सफलता प्राप्त करता है।
• क्रॉस (X) या द्वीप का चिह्न: राहु क्षेत्र पर क्रॉस या द्वीप का होना जीवन में बड़े संघर्ष, धोखाधड़ी, मानसिक तनाव और अचानक शारीरिक कष्ट का संकेत देता है।
• अतिरिक्त गड्ढा: यदि राहु पर्वत अत्यधिक धंसा हुआ हो और भाग्य रेखा वहां आकर टूट जाए, तो यह जीवन में गंभीर आर्थिक तंगी और संघर्ष का कारण बनता है।
राहु रेखाएं (Rahu Lines)
• क्या हैं राहु रेखाएं: हथेली में जीवन रेखा (Life Line) को काटकर अंदर की तरफ जाने वाली आड़ी-तिरछी रेखाओं को राहु रेखा कहा जाता है।
• प्रभाव:
• ये रेखाएं सामान्यतः तनाव, दुर्घटना, स्वास्थ्य समस्याओं या पारिवारिक कलह का संकेत देती हैं।
• यदि राहु रेखाएं जीवन रेखा को काटकर आगे निकल जाएं और कोई स्पष्ट त्रिभुज या वर्ग बना लें, तो कभी-कभी यह विपरीत परिस्थितियों में अचानक लाभ या संपत्ति प्राप्ति भी करवा देती हैं।



