सहायक रेखा -
हाथ में रेखा का जाल बना होता है लेकिन सभी रेखा मुख्य रेखा नहीं होती है ज्यादातर रेखा प्रभाव रेखा या सहायक रेखा होती है जो वर्तमान समय को प्रभावित करती है।आप जो हाथ में कई शुभ अशुभ चिन्ह देखते है वो इन्ही सहायक और प्रभाव रेखा से बनते है।
सहायक रेखा जैसा नाम से ही मालूम चल रहा है की वो रेखा जो मुख्य रेखा के साथ चलती हो या मुख्य रेखा से निकल कर उसके साथ आगे बढ़ रही हो।
सहायक रेखा अगर मुख्य रेखा अच्छी है तो भाग्य में "चार चाँद" लगा देती है।
व्यक्ति को अच्छी सफलता दिलाती है। मुख्य रेखा कमज़ोर है तो उसको बल देती है और व्यक्ति का कमज़ोर समय बिना किसी ज्यादा परेशानी के निकाल देती है।
कभी कभी प्रधान रेखा के साथ कोई अन्य रेखा सहायक रेखा के रूप में चलने लगती है। सहायक रेखा प्रधान रेखा को बल प्रदान करती है और उसकी कमजोरी को मिटा देती है।
यदि प्रधान रेखा बीच में टूटी हुई हो तो और सहयक रेखा सबल हो तो जातक कोई विशेष हानि नहीं होती है क्युकी सहायक रेखा प्रधान रेखा के दोषो का निवारण कर देती है।
बहुत बार सहायक रेखा मुख्य रेखा से निकल कर व्यक्ति को प्रमोशन दिलवाती है , स्थान परिवर्तन करवाती है।



