विवाह रेखा और तलाक | Hast Rekha Gyan

Marriage Line Ya Vivah Rekha Mein Break Hona | Hast Rekha

विवाह रेखा यानी मैरिज लाइन का टूटना, विवाह रेखा में ब्रेक होना या विवाह रेखा का स्प्लिट होना—इसका क्या अर्थ होता है?

यदि विवाह रेखा टूट जाती है तो व्यक्ति के जीवन में अलगाव (सेपरेशन) होने की संभावना बहुत अधिक होती है। यदि विवाह रेखा अधिक टूटी हुई हो, तो तलाक (डिवोर्स) की भी संभावना बन जाती है।

यदि विवाह रेखा ओवरलैप्ड (एक-दूसरे पर चढ़ी हुई) हो, तो अलगाव होने के बाद पुनः सुलह हो जाती है।

ऐसे व्यक्ति का विवाह देर से होता है या फिर विवाह में किसी न किसी प्रकार की समस्या अवश्य आती है। कुल मिलाकर ऐसे व्यक्ति का वैवाहिक जीवन बहुत खराब रहता है।

यदि दोनों हाथों में विवाह रेखा पर ब्रेक हो, तो व्यक्ति का तलाक होना लगभग तय माना जाता है।

कई बार नौकरी की वजह से भी अलगाव हो जाता है। पत्नी मायके या ससुराल में रहती है और पति किसी दूसरे शहर में नौकरी करता है तथा कभी-कभी ही घर आ पाता है। वैसे अधिकांश मामलों में मनमुटाव के कारण ही अलगाव होता है।

अपने पति या अपनी पत्नी से बदनामी होना | विवाह रेखा

यदि विवाह रेखा अथवा उसकी कोई शाखा रवि रेखा को काटकर निकल जाय तो अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण लक्षण हो जाता है। उसकी विवाह के पश्चात् बदनामी होती है, झगड़ा रहता है अपयश मिलता है, हानि होती है और साथ ही यदि इस रेखा द्वारा हृदय रेखा भी कट रही हो तो उसका सम्बन्ध सदैव हृदय विदारक ही रहेगा ।

ये योग बेहद खराब योग है इस में औरत या आदमी से बदनामी मिलती है और ज्यादातर पति या पत्नी ही से मिलती है। ऐसा भी बोल सकते है की अमुख व्यक्ति से शादी कर के इस व्यक्ति को बदनामी का सामना करना पड़ा।

हाथ में विवाह रेखा कहा होती है और कौन सी रेखा को विवाह रेखा माना जाता है ?

जिन मनुष्यों के हाथों में ये विवाह रेखाएँ दो, तीन, चार, तक होती है तो यह न समझना चाहिए कि उस मनुष्य के अवश्य ही तीन चार विवाहे होंगे बल्कि उन चारों रेखाओं में जो रेखा सबसे साफ, सुन्दर, स्पष्ट तथा निर्दोष होगी वही रेखा विवाह के समय को बताने के लिये सबसे उपयुक्त होगी और वही निश्चय से विवाह रेखा है।

इसके अतिरिक्त सभी रेखाएँ उसके प्रेम सम्बन्ध को अथवा विवाह की बातचीत छूटने को बतायेंगी । इसके साथ-साथ हृदय रेखा के टूटने के स्थान भी देखने चाहिए क्योंकि ये टूटे स्थान भी विवाह सम्बन्ध टूटने के समय को बताते हैं। किसी-किसी के लिए इस प्रकार की चारों रेखाएँ पूर्ण विवाह संबन्ध में ही परिवर्तित हो जाती हैं और उस मनुष्य को चार विवाह तक करने पड़ जाते हैं और चौथे विवाह से उसको सन्तान आदि का सुख पूर्ण रूप से होता है।


कोण का अर्थ विवाह रेखा और संतान रेखा पर


विवाह रेखा और संतान रेखा पर कोण - हस्तरेखा 

पति और पत्नी दोनों के हाथो की विवाह रेखा को देखना चाहिए और विवाह रेखा में बन रहे कोण और चिन्ह और उसकी प्रकृति और आकृति को देखना चाहिए।

विवाह रेखा पर बनने वाले कोण सदा ही विवाह या प्रेम सम्बन्धो में रुकावटे तथा अड़चने डालने वाले होते है । प्रथम तो इस लक्षण से युक्त मनुष्यो के विवाह ही नहीं होते और यदि हो जाय तो किसी समय भी उनकी विचार भावना एक नहीं होती है ।

उनकी विचारधारा एक न होने के कारण उनका घर सदा ही नरक के समान अशांत बना रहता है ।  (नितिन कुमार पामिस्ट) यदि कोण अधिक बड़ा है तो तलाक निश्चित है । यदि कोण बड़ा नहीं तो अलगाव हो सकता है ।

आपको कई बार ऐसे हाथ देखने को मिलेंगे जिन में विवाह रेखा पर कोण बना हुआ है लेकिन तलाक या अलगाव नहीं हुआ है उसका कारण भारतीय समाज है मतलब पति-पत्नी समाज और बच्चो के भविष्य को देखते हुए समझोता कर लेते है और एक ही छत्त के नीचे साथ-साथ रहते हुए भी तलाकशुदा जीवन व्यतीत करते है । (नितिन कुमार पामिस्ट)

यदि कोण संतान रेखा पर बनता है तो संतान जीवत नहीं रहती और यदि जीवित रहती है तो उस संतान से माता-पिता को कष्ट ही प्राप्त होता है चाहे वो किसी भी रूप में प्राप्त हो ।

Chotti Vivah Rekha

छोटी विवाह रेखा | लंबी विवाह रेखा हस्त रेखा ज्ञान


छोटी विवाह रेखा का अर्थ यह होता है कि पति और पत्नी के बीच तालमेल नहीं बन पाता है और आपसी लड़ाई-झगड़ा बना रहता है। इसी कारण छोटी विवाह रेखा (Small Marriage Line) को शुभ नहीं माना गया है।

लंबी विवाह रेखा (Long Marriage Line) को शुभ माना जाता है। जिस व्यक्ति के हाथ में लंबी विवाह रेखा होती है, उसका वैवाहिक जीवन बहुत अच्छा माना जाता है।
विवाह रेखा पर अनेक प्रकार के चिन्ह और योग बनते हैं। उनके अर्थ को जानने के लिए आप इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं।- Vivah Rekha Hast Rekha Hindi

Talaak - Divorce Kyu Hota Hai ? Hastrekha Gyan

हस्त रेखा से तलाक – डिवोर्स का पता करें

यदि पति या पत्नी के हाथ में विवाह रेखा पर छोटा फोर्क (Small Fork) बना हुआ हो, तो उस स्त्री या पुरुष का वैवाहिक जीवन प्रायः दुखी रहता है। ऐसे मामलों में यह भी संभव है कि पति-पत्नी कुछ समय के लिए अलग-अलग (सेपरेशन) भी रहें।

लेकिन यदि यही फोर्क बहुत बड़ा हो, तो ऐसी स्त्री या पुरुष के तलाक होने की संभावना बहुत अधिक हो जाती है। इसका मुख्य कारण विचारधारा का मेल न होना होता है तथा कभी-कभी परपुरुष या परस्त्री से संबंध भी इसका कारण बनते हैं।

विवाह रेखा ऊपर मुड़कर छोटी उंगली की तरफ चली जाए 


यदि किसी मनुष्य के दाहिने हाथ में विवाह रेखा बुध पर्वत पर मुड़कर, ऊपर की ओर कनिष्टिका उगली के तृतीय पोरुए की सन्धिगत से मिल जाये तो उसको आजीवन क्वारा या अविवाहित ही रहना पड़ता है। ऐसी दशा में विवाह के लिए बातचीत तो बहुत होती है किन्तु विवाह किसी प्रकार से तय नहीं हो पाता है। 

यदि येन-केन -प्रकारेण शादी हो भी जाय तो उसका परिणाम बड़ा भयंकर होता है क्योंकि देखने में यही आया है कि जिस स्त्री-पुरुष के हाथ में यह उर्ध्वगामी विवाह रेखा होती है उसकी मृत्यु या अलगाव विवाह संबन्ध होने के कुछ ही समय पश्चात् हो जाया करता है जोकि किसी भी हाथ में दुर्भाग्यपूर्ण लक्षण प्रतीत होता है ।