हस्तरेखा शास्त्र में भाग्य रेखा का विभिन्न रेखाओं से निकलना अत्यंत महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। यह जीवन में उन्नति, भाग्योदय और आयु विशेष में मिलने वाले लाभ का सूचक होता है।
भाग रेखा का भाग्य रेखा से निकलना
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अनेकों हाथों में भाग्य रेखा मुख्य भाग्य रेखा से निकलती हुई देखी जाती है।
यह एक उत्तम लक्षण होने पर अचानक भाग्योदय होने का सूचक है। जिस आयु में यह रेखा भाग्य रेखा से निकलती है, उसी आयु में जीवन परिवर्तनकारी कार्य होता है।
भाग्य रेखा का हृदय रेखा से निकलना
अनेक हाथों में भाग्य रेखा हृदय रेखा से निकल कर शनि पर जाती है। इसका फल प्रायः 50 वर्ष के पश्चात प्राप्त होता है।
यदि शनि के नीचे त्रिकोण बनता हो तो उस आयु में सम्पत्ति निर्माण होता है। ऐसे योग ठेकेदारी, आढ़त या सट्टा कार्य से भी जुड़े हो सकते हैं।
भाग्य रेखा का सूर्य रेखा से निकलना
सूर्य रेखा से निकलकर शनि स्थान पर जाने वाली भाग्य रेखा अचानक प्रसिद्धि और सम्मान का योग बनाती है।
मस्तिष्क रेखा से पहले निकलने पर 35 वर्ष से पूर्व और बाद में निकलने पर 35 वर्ष के पश्चात भाग्योदय होता है।
भाग्य रेखा का मस्तिष्क रेखा से निकलना
मस्तिष्क रेखा से उदय होकर शनि की ओर जाने वाली भाग्य रेखा व्यक्ति को स्वनिर्मित सफलता देती है।
35 वर्ष के पश्चात विशेष उन्नति होती है। ऐसे व्यक्ति अपने निर्णय से धन और प्रतिष्ठा अर्जित करते हैं।
भाग्य रेखा का अन्त शनि पर
शनि पर दोष रहित भाग्य रेखा अत्यंत शुभ मानी जाती है। यदि हाथ गुलाबी और भारी हो तो सौभाग्य और सुख की वृद्धि होती है।
ऐसे व्यक्तियों की रुचि खेती, भूमि या खनन कार्य में हो सकती है।
चन्द्रमा से निकलने वाली भाग्य रेखा
चन्द्रमा से निकलने वाली भाग्य रेखा यदि निर्दोष हो तो उत्तम फल देती है। इसका फल उसी आयु से आरम्भ होता है जब यह शनि क्षेत्र में प्रवेश करती है।
यदि यह मस्तिष्क या हृदय रेखा पर रुक जाए तो स्थायित्व देर से प्राप्त होता है।
FAQ – भाग्य रेखा से जुड़े सामान्य प्रश्न
1. भाग्य रेखा का अचानक निकलना क्या दर्शाता है?
यह अचानक भाग्योदय और जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन का संकेत है।
2. हृदय रेखा से भाग्य रेखा निकलने का क्या अर्थ है?
यह जीवन के उत्तरार्ध में उन्नति और स्थिरता का सूचक है।
3. मस्तिष्क रेखा से भाग्य रेखा निकलने पर क्या होता है?
ऐसे व्यक्ति अपने निर्णय और बुद्धि से सफलता प्राप्त करते हैं।
4. चन्द्रमा से निकलने वाली भाग्य रेखा शुभ है या अशुभ?
निर्दोष होने पर अत्यंत शुभ, दोष होने पर विलम्बित सफलता देती है।


