शादी की रेखा (विवाह रेखा ) यदि लम्बी और निर्दोष है तो निश्चित ही आपको प्यार करने वाला जीवनसाथी मिलेगा और आपका वैवाहिक जीवन सुखमय बीतेगा परन्तु यदि आपकी विवाह रेखा दोषयुक्त है तो जीवनसाथी धोखेबाज़ होगा, घर के बाहर उसका अफेयर रहेगा।
दोषयुक्त विवाह रेखा यानि विवाह रेखा पर द्वीप, क्रॉस, ब्रेक, फोर्क या तिल इत्यादि मौजूद हो।
संतान सुख के लिए विवाह रेखा के ऊपर मौजूद बारीक़ खड़ी रेखा को गिना जाता है। सीधी खड़ी रेखा लड़को को दर्शाती है और टेडी लड़कियों को दर्शाती है या मजबूत खड़ी रेखा से लड़के का अनुमान लगता है और कमज़ोर खड़ी रेखा से लड़की का अनुमान लगता है।
लम्बी विवाह रेखा जो सूर्य पर्वत तक पहुंच जाय या सूर्य रेखा से मिल जाय वो अमीर घर में या अमीर व्यक्ति से विवाह का संकेत देती है।
विवाह रेखा की संपूर्ण जानकारी - विवाह रेखा और तलाक
अपनी साली से रिश्ता, संबंध, प्रेम होना | विवाह रेखा
आजकल बहुत बार ऐसा देखने को मिलता है की पति का अपनी साली से रिश्ता बन जाता है। पाश्चात्य हस्तरेखा में इस तरह के अनैतिक सम्बन्धो के योग बताय गए है।
यदि इस द्विजिह्व विवाह रेखा की कोई शाख अन्दर की तरफ काफी से ज्यादह मुड़कर हृदय रेखा को स्पर्श करती हो तो ऐसा मनुष्य अपनी स्त्री से अधिक अपनी साली को चाहता है और इस रेखा का आगे बढ़कर हृदय रेखा को काटकर निकल जाना यह सिद्ध करता है। कि ऐसी स्त्री या पुरुष अपने जीवन साथी का आजन्म त्याग उसके हित की कामना में कर देगा।
वैसे ये योग अलगाव और तलाक का भी संकेत देता है। आज के संसार में जरूरी नहीं साली ही हो करीबी रिश्तेदार भी हो सकती है और या फिर कोई पुरानी दोस्त भी हो सकती है।
अगर औरत के हाथ में है तो सम्बन्ध देवर से बन जाते है ऐसा मानना चाहिए।
इस तरह के फलादेश से बचना चाहिए क्युकी इस योग का हमेशा सही होने का प्रमाण नहीं है।



