हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार, व्यक्ति के हाथों में कई प्रकार की रेखाएं होती हैं, जैसे कि जीवन रेखा, मस्तिष्क रेखा, विवाह रेखा, सौभाग्य रेखा, स्वास्थ्य रेखा, बुधि रेखा, धर्म रेखा, विदेश जाने की रेखा, और बहुत सारी अन्य रेखाएं। हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार, ये रेखाएं व्यक्ति के जीवन में विभिन्न घटनाओं और परिवर्तनों को दर्शाती हैं।
यह विज्ञान विशेष रूप से ज्योतिषिय विधि के अन्तर्गत आता है, जो भारतीय परंपरा में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हस्त रेखा ज्ञान में हाथ की रेखाओं को पढ़ने के लिए निम्नलिखित कदम अनुसरणीय होते हैं:
१. पहला कदम हस्त रेखा ज्ञान के अध्ययन के लिए हाथ को ध्यान से देखना है। हस्त रेखाओं के आकार, लम्बाई, चौड़ाई, और संख्या को नोट करें फिर ही फलादेश करे ।
२. दूसरा कदम हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार व्यक्ति के जीवन को समझने के लिए जीवन रेखा को देखा जाता है। यह रेखा अँगूठे से लेकर कलई तक की होती है और व्यक्ति के जीवन की लंबाई, स्वास्थ्य, संघर्ष, और सफलता को दर्शाती है।
३. तीसरा कदम हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार विवाह रेखा और सौभाग्य रेखा को देखना है। विवाह रेखा विवाह संबंधी ज्ञान और सौभाग्य रेखा संबंधी सौभाग्य एवं सुख-शांति को दर्शाती है।
४. चौथा कदम हस्त रेखा ज्ञान के अनुसार हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा को देखना है। हृदय रेखा से व्यक्ति के प्रेम और अनुराग का संकेत मिलता है। मस्तिष्क रेखा व्यक्ति के मस्तिष्क की शक्ति और विचारधारा को दर्शाती है।
हस्त रेखा ज्ञान का अध्ययन करके व्यक्ति अपने जीवन की अनेक समस्याओं का समाधान कर सकता है। यह विज्ञान एक प्राचीन कला है, जिसमें विश्वास करने वाले लोग इसे अपने जीवन में उपयोगी मानते हैं।
आखिर में, हाथों की रेखाओं का अध्ययन करना या हस्त रेखा ज्ञान विश्वास करना व्यक्ति की अपनी विशेषताओं और धार्मिक विश्वासों पर निर्भर करता है। यह विज्ञान केवल रामबाण नहीं है, वरन् विवेकपूर्वक इसका उपयोग करना चाहिए। अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए ज्ञानी और अनुभवी ज्योतिषियों से सलाह लेना उचित होता है।



