हस्तरेखा शास्त्र में हथेली पर बनने वाला क्रॉस (✖) चिन्ह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह चिन्ह उंगलियों, पर्वतों और रेखाओं पर बनकर जीवन में आने वाले संकट, हानि, बाधा और विशेष योगों का संकेत देता है।
हथेली पर क्रॉस का निशान | उंगलियों, पर्वतों और रेखाओं पर क्रॉस का अर्थ
क्रॉस दो रेखाओं के एक-दूसरे को काटने से बनता है और जब यह स्वतंत्र रूप से दिखाई दे तो इसका महत्व अधिक होता है। सामान्यतः क्रॉस संकट, खतरा और हानि का सूचक माना जाता है।
1. गुरु पर्वत पर क्रॉस सिर में चोट का संकेत देता है, लेकिन यह सुखी वैवाहिक जीवन भी प्रदान कर सकता है।
2. शनि पर्वत पर क्रॉस अशुभ स्वास्थ्य, बांझपन और हिंसक प्रवृत्ति का संकेत देता है।
3. सूर्य पर्वत पर क्रॉस असफलता के कारण मानसिक आघात दर्शाता है।
4. बुध पर्वत पर क्रॉस बेईमानी, छल या झूठ की प्रवृत्ति दर्शाता है। ऊपरी पोर पर हो तो विवाह में विलंब, तीसरे पोर पर हो तो षड्यंत्रकारी स्वभाव हो सकता है।
5. निचले मंगल पर्वत पर तथा दोषपूर्ण मस्तिष्क रेखा के साथ हो तो बवासीर का संकेत देता है। महिलाओं में यह गर्भावस्था के दौरान दंत रोग का कारण बन सकता है।
6. गुरु पर्वत के नीचे निचले मंगल पर क्रॉस हिंसात्मक मृत्यु का संकेत दे सकता है।
7. चंद्र पर्वत पर क्रॉस डूबने या गठिया रोग से मृत्यु का संकेत देता है।
8. ऊपरी मंगल पर क्रॉस शत्रुओं से खतरे का सूचक है। निचले चंद्र पर्वत पर क्रॉस मूत्राशय या गुर्दे की समस्या दर्शाता है। शुक्र पर्वत पर और कमजोर मस्तिष्क रेखा के साथ हो तो स्मरण शक्ति कमजोर होती है।
9. सूर्य पर्वत के नीचे हृदय रेखा पर क्रॉस आंखों की चोट या अंधत्व का संकेत देता है।
10. शनि पर्वत के नीचे हृदय रेखा पर क्रॉस गुर्दे, हर्निया या पुरुषों में अंडकोष संबंधी रोग का संकेत देता है। महिलाओं में प्रसव के समय कष्ट देता है।
11. अंगूठे के पास शुक्र पर्वत पर क्रॉस हिंसा का सूचक है।
12. शुक्र पर्वत पर क्रॉस प्रेम में असफलता दर्शाता है।
13. विवाह रेखा पर क्रॉस जीवनसाथी की अकाल मृत्यु का संकेत दे सकता है।
14. जीवन रेखा के पास क्रॉस रिश्तेदारों से झगड़े का संकेत देता है।
15. भाग्य रेखा और जीवन रेखा के बीच क्रॉस करियर में रिश्तेदारों के कारण बाधा दर्शाता है।
16. भाग्य रेखा के नीचे ऊपरी चंद्र पर्वत पर क्रॉस यात्रा में असफलता दर्शाता है।
17. मस्तिष्क रेखा पर क्रॉस सिर में चोट का संकेत देता है।
18. सूर्य रेखा पर क्रॉस सफलता और प्रसिद्धि में बाधा तथा अवसाद देता है।
19. भाग्य रेखा पर क्रॉस हानि और मानसिक दबाव दर्शाता है।
20. यदि चतुर्भुज (Quadrangle) में स्वतंत्र क्रॉस हो और वह मस्तिष्क या हृदय रेखा को न छुए तो उसे “मिस्टिक क्रॉस” कहा जाता है। ऐसे व्यक्ति धार्मिक दर्शन, ज्योतिष, हस्तरेखा और गूढ़ विद्याओं में गहरी रुचि रखते हैं।
अंगूठा
1) प्रथम पोर – चरित्रहीनता या विलासिता की प्रवृत्ति।
2) द्वितीय पोर – विवाहेतर संबंध।
गुरु उंगली
1) प्रथम पोर – अंधविश्वासी या अधार्मिक।
2) द्वितीय पोर – साहित्यिक सफलता।
3) तृतीय पोर – अविश्वसनीय स्वभाव।
शनि उंगली
1) प्रथम पोर – अनैतिक या असामाजिक कार्य।
2) द्वितीय पोर – अत्यधिक जोखिम लेने वाला।
3) तृतीय पोर – संतान की कमी।
सूर्य उंगली
1) प्रथम पोर – संवेदनशील और कलात्मक।
2) द्वितीय पोर – दुखी स्वभाव।
3) तृतीय पोर – निराशा और मानसिक तनाव।
बुध उंगली
1) प्रथम पोर – चोरी की प्रवृत्ति।
2) द्वितीय पोर – असफलता।
3) तृतीय पोर – बेईमानी।
पढ़ें – हस्तरेखा में शुक्र पर्वत पर रेखाओ का अर्थ
हस्तरेखा में क्रॉस का चिन्ह जीवन के विभिन्न क्षेत्रों — स्वास्थ्य, विवाह, करियर, शत्रु और आध्यात्मिक रुचि — से जुड़ा गहरा संकेत देता है। सटीक भविष्यवाणी हेतु संपूर्ण हथेली का अध्ययन आवश्यक है।



