दो हृदय-रेखा होना प्रात्यन्तिक ( अत्यन्त घना) प्रेम की भावना प्रकट करता है। बहुत प्रेम करना एक प्रकार से कष्ट भी पहुंचाता है, क्योंकि जितना अधिक प्रेम हो उतनी ही अधिक निराशा की प्रतिक्रिया भी होती है। यदि मनुष्यों के हाथ में ऐसी दो हृदय-रेखा हों तो उनमें आवश्यकता से अधिक जोश होता है। यदि स्त्रियों के हाथ में हो तो उनका स्वास्थ्य अच्छा रहता है। किन्तु दो हृदय-रेखा तभी समझनी चाहिये जब दोनों रेखा समानान्तर और लम्बी हों।
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