यदि मंगल के प्रथम क्षेत्र पर यह चिह्न हो तो जातक धैर्यपूर्वक कर परिश्रम करने के कारण सफलता प्राप्त करता है। किन्त हाथ में यदि अन्य अशुभ लक्षण हो और मंगल का क्षेत्र अत्यधिक अन्तत हो तो जातक किसी का खून करता है। यदि क्षेत्र साधारण जानत है और उस पर यह चिह्न है तो अन्य अशुभ लक्षण होने से जातक का स्वयं का खून किया जाता है।
यदि मंगल के द्वितीय क्षेत्र पर यह चिह्न हो तो लड़ाई में वीरतापूर्वक लड़ने के कारण जातक को सुयश और प्रतिष्ठा प्राप्त होती है। किन्तु यदि किसी सीधी रेखा (शीर्ष-रेखा के प्रायः समानान्तर) के अन्त में यह चिह्न हो तो जातक के किसी अत्यन्त प्रिय सम्बन्धी (पिता आदि) की मृत्यु का लक्षण है।
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