बार-बार दुर्घटना होना और बार-बार बीमार पड़ जाना | ज्योतिष उपाय
बार-बार दुर्घटना होना या बार-बार बीमार पड़ जाना ऐसा बहुत से लोगों के साथ होता है। ज्यादातर ऐसे लोगों का शनि, मंगल और राहु खराब होता है। ऐसे लोगों के हाथों में “दुर्घटना रेखा” होती है, जो मंगल पर्वत से निकलकर शनि पर्वत तक जाती है। इसी कारण व्यक्ति का बार-बार एक्सीडेंट होता है या फिर उसे कमर दर्द रहता है। अधिकतर पैरों में चोट लगती है या ऊँचाई से गिरकर सिर में चोट लगती है।
यदि कोई व्यक्ति बार-बार बीमार पड़ रहा है तो उसका सूर्य और चंद्रमा कमजोर होता है। वैसे तो जो ग्रह खराब होता है, उससे संबंधित रोग होता है, लेकिन बार-बार बीमार होने वाले व्यक्ति का अक्सर सूर्य कमजोर होता है। यदि घर के सभी सदस्य बार-बार बीमार रहते हैं और घर में कोई न कोई बीमारी लगी रहती है तथा धन केवल इलाज में ही खर्च होता है, तो इसका अर्थ है कि घर की वास्तु सही नहीं है, यानी घर में वास्तु दोष है।
बार-बार बीमार होने और बार-बार दुर्घटना होने के उपाय
1) यदि बार-बार दुर्घटना होती है तो आपको महामृत्युंजय मंत्र का प्रतिदिन 108 बार जप करना चाहिए।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥
2) यदि आपकी गाड़ी का बार-बार एक्सीडेंट होता है तो एक सफेद कागज पर लाल पेन से महामृत्युंजय मंत्र लिखें। इसे एक दिन के लिए घर के मंदिर में रखें, धूप-अगरबत्ती करें, फिर गाड़ी पर चिपका दें या अपने पर्स में रख लें।
3) बार-बार दुर्घटना होने पर हनुमान जी के मंदिर में सिंदूर का दान करें।
4) बार-बार बीमार पड़ने पर सूर्य को जल अर्पित करें और प्रतिदिन “आदित्य हृदय स्तोत्र” का पाठ करें।
5) बार-बार बीमार होने और नजर दोष से बचाव के लिए गाय को गुड़ और चारा खिलाएं।
6) यदि घर से बीमारी नहीं जा रही है, तो वास्तु दोष दूर करने के लिए मंगलवार या शनिवार को 7 सूखी लाल मिर्च और थोड़ी सी हींग लेकर पूरे घर में घुमा लें (टॉयलेट और बाथरूम को छोड़ दें)। इसके बाद इन्हें किसी सुनसान चौराहे पर रख दें और पीछे मुड़कर न देखें। इस उपाय को दोहराया भी जा सकता है।
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अंत में यह कहा जा सकता है कि बार-बार दुर्घटना होना और बार-बार बीमार पड़ना केवल ग्रह दोष ही नहीं, बल्कि घर के वास्तु दोष और हथेली में बनी दुर्घटना रेखा से भी जुड़ा होता है। सही ज्योतिष उपाय और वास्तु सुधार अपनाकर इन समस्याओं से राहत पाई जा सकती है।



