हस्तरेखा ज्ञान में विदेश यात्रा और विदेश में नौकरी के योग विशेष रेखाओं और पर्वतों के आधार पर देखे जाते हैं। सही योग होने पर व्यक्ति विदेश जाकर सफलता और धन प्राप्त कर सकता है।
विदेश यात्रा और विदेश में नौकरी के योग
हाथ में कुछ विशेष योग और रेखाएँ होती हैं जो व्यक्ति को विदेश यात्रा का अवसर प्रदान करती हैं। यदि भाग्य साथ दे और रेखाएँ अनुकूल हों, तो व्यक्ति विदेश में नौकरी या व्यवसाय भी स्थापित कर सकता है।यह आवश्यक नहीं कि व्यक्ति अमीर परिवार से हो या अत्यधिक शिक्षित हो। यदि हाथ में विदेश जाने के प्रबल योग हों, तो साधारण पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति भी विदेश जाकर सफलता प्राप्त कर सकता है।
अक्सर देखा गया है कि टूरिस्ट गाइड, मजदूर, ड्राइवर या लोक कलाकार भी विदेश जाकर अच्छा धन और सम्मान कमाते हैं। परंतु केवल विदेश जाना ही पर्याप्त नहीं है, वहाँ स्थिर होना और सफलता पाना भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए सूर्य रेखा, भाग्य रेखा और यात्रा रेखा का मजबूत होना आवश्यक माना जाता है।
विदेश यात्रा और विदेश में नौकरी के प्रमुख योग
2. चंद्र पर्वत पर स्थित यात्रा रेखा लंबी और स्पष्ट हो। यदि यह टूटी हुई या छोटी हो तथा जीवन रेखा के समीप न पहुँचे, तो अवसर मिलने पर भी व्यक्ति विदेश नहीं जा पाता।
3. यदि भाग्य रेखा चंद्र पर्वत से निकलती हो तो यह शुभ योग है। ऐसी रेखा व्यक्ति को घर से दूर ले जाती है। यदि अंत में त्रिशूल चिन्ह हो तो विदेश में धन कमाने के योग और बढ़ जाते हैं।
4. उच्च मंगल पर्वत से निकलकर सूर्य पर्वत की ओर जाती हुई रेखा हवाई यात्रा और विदेश में नाम-धन दिलाने का संकेत देती है।
5. यदि सूर्य रेखा भाग्य रेखा से निकल रही हो और भाग्य रेखा चंद्र पर्वत से प्रारंभ हो, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसे व्यक्ति को युवावस्था में ही विदेश जाने का अवसर मिल सकता है।
6. मणिबंध (कलाई) से ऊपर की ओर जाती हुई रेखाएँ भी कम से कम एक बार विदेश यात्रा का संकेत देती हैं।
7. यदि सूर्य रेखा, भाग्य रेखा और यात्रा रेखा तीनों स्पष्ट और मजबूत हों, तो व्यक्ति विदेश में नौकरी या व्यवसाय स्थापित कर सकता है।
8. यदि विवाह रेखा सूर्य रेखा के समीप हो और भाग्य रेखा व यात्रा रेखा भी अच्छी हों, तो विवाह के कारण विदेश जाने का योग बनता है।
9. गुरु पर्वत पर स्पष्ट खड़ी रेखा भी विदेश में सफलता दिला सकती है, बशर्ते वह कटी हुई न हो।
10. यदि मस्तिष्क रेखा से निकलकर कोई रेखा चंद्र पर्वत की ओर जाए, तो व्यक्ति अपनी योग्यता और शिक्षा के आधार पर विदेश जा सकता है।
इस प्रकार हस्तरेखा शास्त्र में विदेश यात्रा और विदेश में नौकरी के अनेक संकेत बताए गए हैं। सही विश्लेषण के लिए संपूर्ण हाथ की रेखाओं और पर्वतों का समग्र अध्ययन आवश्यक होता है।


